Sunday, January 3, 2010

Hi Friends ,

The year 2009 gave us lots of tough time and many learning's , here
is a bit sneaky peek in the not so rosy past year.

Highlights-2009

Just as the Big Sun starts rising in the new year ,
its time to stop a bit and have a look back @ 2009 here ,

The year that attracted all the problems like a glue ,
The year that haunted us every second with the threat of Swine flu,

And if the shock of that ceased you to make a victim ,
You must have almost fainted with the debacle of Satyam ,

If Satyam confirms Shakespear's philosophy of what's in the name ?
the haunt of terrorism didn't spare even the game ,

When some coward minds attacked the srilankan cricketer ,
the limit of patience was well and truly hampered ,

People became more creative in the direction no one had a clue ,
If you feel like protesting , all you need is a good aim and a shoe ,

We saw that most controversial award became Nobel peace award ,
and an Indian doing "Jai ho" at Oscars , getting all the rewards ,

Indian public played an important role as they met again with election poll ,
with all the kingmakers saw the dust in the ring , Singh again went on to bcum King,

Despite all the warning and Copenhagen global warming ,
the year ended on a high note , that could not have been more charming ,

With a drought of movies due to controversies in the middle of year ,
the back to back 2012 , Avtaar , Paa and 3 idiots announced entertainment is here,

We wish 2010 will provide us more reasons to cheer without any fail ,
and we all together with our family and friends will sing "All is well"


Happy New Year .....Amit Nandwal

Saturday, November 28, 2009

२१ वी सदी के नज़ारे

आज की दुनिया रफ़्तार से भागती दुनिया है , जिसके तमाम उदाहरण हमे
यदा कदा दिखाई पड़ते रहते हैं . ये रहे वो चंद नज़ारे जो यकीन दिलाते हैं की
वाकई हम २१ वी सदी मैं कदम रख चुके हैं .:-

१.) आप अपने microwave सेटिंग के लिए अपने PC का पासवर्ड लगा रहे हैं.
२.) जब आप बाथरूम की लाइन से पहले ऑनलाइन नजर आते हैं
३.) जब आप ऑफिस में बगल मैं बैठे साथी को मेल करके उसका हाल चाल पूछ रहे है .
४.) जब आपके ३ सदस्यों वाले परिवार तक पहुचने के आपके पास १५ सेल नंबर हों
५.) जब आप टीवी पर किसी वेब एड्रेस को देखकर यूँ ही बैठे बैठे उसे क्लिक करने लगे
६.) जब आप किसी इ बुक मैं पढ़कर हैरान रह जाएँ की SOLITAIR गेम रियल कार्ड मैं खेला जाता है
७.) आखिरी मैं जब आप अपने गुम गये चश्मे के लिए गूगल पे टाइप कर रहे हों .

Where Virtuality knocks , 21st cenur Rocks ....................... Amit Nandwal

Saturday, October 24, 2009

Indori Bhiya meets SRK.

Hello Friends ,

I was wondering how our Indori bhiya will react on meeting
with any celebrity , so I decided to introduce him to Shahrukh Khan ,

Here is an excerpt :-

"जब शाहरुख़ मिले इन्दोरी भिया से"

के यार कल तो गजब ही हो गया यार ,
मेरे , हाँ भिया मेरे , इंदौर में आ गया शाहरुख़ जैसा स्टार

बोले अब तो मुझे भी अपना कलाकार बन्ने का सच दिखाई देने लगा सपना ,
अरे वो कैमरा लेकर घुमने वाले कालू भिया है नि , उनका लंगोटिया है शाहरुख़ अपना ,


नाश्ते में उसको गरमा गरम पोहे खिलाये ,
और दे दी झन्नाट समोसे में खट्टी इमली की एक्स्ट्रा चटनी ,
ने लंच में जिमा लाया गुरु कृपा से ,
अब नि नि करके भी बात तो अपनी थी पट्नी


बस क्या फ़िर अपन ने भी जमा ली थी कुछ ऐसी सेटिंग ,
अगली सुबह ही हो गई सयाजी में शाहरख के साथ मीटिंग,

जाते ही सबसे पहले अपन ने ले ली उसके गाल पर चिकोटी,
भिया कन्फर्म करना पड़ता है आजकल ,
पिछले बार ऐसे ही मास्क लगाकर नकली सल्लू ने अपना टाइम किया था खोटी ,

फ़िर तो वो ये जोर से चिल्लाया है "दैय्या" "दैय्या" ,
अपन तभी मान गए , इसी ने किया था ट्रेन पे छैयां छैयां

शांना फ़िर पूछा मुझसे "क्यों भिया ये क्या मिलने का इन्दोरी तरीका हुआ ?"
मैं भी बना डेड शांना और बोला "ये फिल्मी इशटाइल है चमन"
मैं बन गया मिका और तुझे बनाया राखी सावंत.

बड़े बने फिरते हो बादशाह ने DON ,
ये सिक्स पैक दिखने के हैं या फ़िर बस पसली ,
की एक इन्दोरी चिकोट ने ही निकाल दी तुम्हारी सारी हेकडी,


मैं बोला डरो मत ,
तुम्हे बस दिखाना था अपन की एक्शन का कुछ तमाशा,
एक इन्दोरी तमाचा बिरोबर दुनिया जीरो बटा सन्नाटा ,

वो कांपते हुए बोला ,
मेरी अगली फ़िल्म में तुम ही विलेन का किरदार निभा रिये हो ,
में खुसी के मारे पाँव छूने झुका ,
तो अगले सेकंड वो मुझे सोफे पे चदा दिखा ,
मैंने बोला क्या भिया अभी से चमक रिये हो ,
तवे में गर्म तेल के जैसे भला क्यूँ उछल रिये हो,

बस फ़िर क्या हेरोइन के लिए कैटरिना की सेटिंग करके ,
जैसे ही में कमरे से बाहर आया ,
निकलते ही पिताजी ने एक जोर का चंकट ऐसा पिन्नाया ,
अगले सेकंड मैंने अपने को सपने से बाहर और बिस्तर के निचे पाया ,

और फ़िर एक इन्दोरी भिया स्टार नही बन पाया.......... अमित नन्दवाल

Saturday, October 17, 2009

Cricket-nama

Hi Friends ,

Cricket is almost a relgion in India , and we love and know our cricket more than
whats happening in our life , as a cricket buff we are used to several terms , i thought of experimenting with their defination a bit , lets see what cooked up :-

Apeal :- The left over when the oppostion has beaten Indian team badly , what remain is a peal.

Bail :- Small percentage of money given legally after getting out illegally on a call from a bookie.

Century :- Average length of Sachin's inning.

Leg Break :- Result of messing up the calculation on field set up by the bookie .

Fine Leg :- Result of job done without getting the hint of suspiction as told by the bookie .

Mis-Field :- Beautiful Daughter of Mr. Field

Retired Hurt :- The result of playing against an IPL team which has cntracted Shoaib Akhtar
and BrettLee in their team

Silly Point :- Any point raised when Navjot Sidhu is on air and doing Commentary.

Slip :- A place where most catches are slipped , because all the players strtanding over
there are always caught a"Sleep".

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हिन्दी पाठको के लिए :-


सिली पॉइंट :- जब नवजोत सिद्धू कमेंट्री पर हों , तब उठने वाला कोई भी पॉइंट

Retired हर्ट :- एक ऐसी IPL टीम के खिलाफ खेलने का नतीजा जिसने ब्रेट ली और शोएब अख्तर के साथ कांट्रेक्ट किया हो

स्लिप :- एक ऐसी जगह जहाँ पर सबसे ज्यादा कैच स्लिप होते हैं , क्योंकि वहां खड़े होने वाले लोग
ले रहे होते हैं स्लीप ।

लेग ब्रेक :- खेल के दौरान सट्टेबाज के बताये हुए कैलकुलेशन पर खरा ना उतर पाने का नतीजा ,

फाइन लेग :- बिना किसी के नजरो में आए बुकी के बताये कामो को पुरा करने का फल

मिसफिल्ड :- श्रीमान फिल्ड की सुयोग्य बेटी ।

सेंचुरी :- सचिन तेंदुलकर की खेली गई इनिंग की औसत लम्बाई

Hope you like it ................................................... Creatively Yours
© Amit Nandwal

Friday, September 11, 2009

ऐ जिंदगी तू क्या चीज है !

ऐ जिंदगी तू क्या चीज है !
कल तुझे ढूँढने निकला जो गलियों में , पाया तुझे नन्ही खेलती , मस्ती करती आंखों में ,
एक ख्वाब लिए , एक ख्वाब सपना सच होने का , एक ख्वाब कल मेरा होगा ,
और चाहे हकीकत कुछ भी हो पर मेरा ख्वाब तो बस मेरा होगा !!
तुझे देखा किसी जवान आंखों में भी , दिखी तू अपने बिखरे बिखरे रूप में
कहीं भागती दौड़ती दुनिया के बीच अपनी पहचान बनने कि प्रतिस्पर्धा में
अपने लिए अपनों को भूल जाने कि होड़ में तू भागती दिखी !
थम , जरा साँस भी ले , जान ले , मान ले , जो तेरे पास है , उसके लिए भी किसी
को आस है , भरोसा रख ख़ुद पर , इसी में जीने का विश्वास है !!
तुझे देखा उन बूढी आंखों में , जिसमे अब सुकून का आभाव है
सारी उमर जिंदगी देखने के बाद अब थम जाने कि आस है ,
क्यूँ नही बदलती तू अपना जीने का तरीका ,
कि जाते जाते भी मन बोल उठे ऐ जिंदगी तुझसे बहुत कुछ सिखा

अमित नन्दवाल

Friday, August 28, 2009

Human Power

Hi Friends ,

Its the message for all human beings to believe in oneself .

अपेक्षाओं के अग्निपथ पर सदा चला है तू ,
निराशा की लहरों से चट्टान सा लड़ा है तू ,
तू आदमी है , सर्व शक्तिमान , बुद्धिमान भी ,
इन राहों की मुश्किलों से कहाँ डरा है तू ,

तू चल वहां की हो जहाँ उस आसमान से हौसले ,
हजारों के बीच तेरी एक ललकार बुलंद हो ,
क्यों मांगता है , जीत की दुआएं , बस ये सोच ले ,
की हार शब्द ही मिटे , जो पग तेरे ये चल पड़े ,

ना शत्रु के औजार से ,
न खून की बौछार से ,
ना तू डिगे तू क्यों झुके ,
जो चल पड़े तू चल पड़े ,

कि आसमा को भेदना ही अब तेरा मुकाम हो ,
कि जय कि घोषणा ही अब तेरा पैगाम हो ,
प्रयत्नों कि चिंगारियों से , लगा कुछ ऐसी आग सी ,
मंजिल भी काँप उठे , और चले आये भागती ,

स्वागत को तेरे खुद देव हो खड़े ,
तू चल पड़े जो चल पड़े ...................... अमित नन्दवाल

Saturday, August 8, 2009

Hindustaan meri jaan - Happy Independence Day



Hi Friends ,

The proud independence day is just a week away , its the greatest day in the history of our country , a day which defined our destiny and our committment for the country , today we have freedom to write , express , it is because of devotion of so many people , which resulted as freedom , the great independence on this very day "15th august" .

As a citizen , we have faced some tough time recently , with our country being targeted
by the evil of terrorism , today we need to unite and fight back as our elders did , and stage our country as the most powerful and respected nation around the world .

Below is my expression for my beautiful country :-


ये जो हिन्दुस्तान है , ये मेरी जान है ,
सातो समंदर , सारा आकाश , पूरी धरती पर यही मेरी पहचान है ,

क्या याद है उस माँ का कलेजा ,
जिसने अपने बेटे को हिन्दुस्तान के लिए लड़ने भेजा ,
और जब लौट के आई उसकी शहादत की खबर ,
उसकी आँखों से सिर्फ गर्व का मोती ही छलका ,

याद है न उस भगत सिंह का नाम ,
जिस उम्र में जवानी का जूनून आँखों पर होता है सवार ,
उस उम्र में इस दीवाने को हो गया अपने देश से प्यार ,
और कह दिया उसने कि ऐ माँ कि अब तू सजा के रखना ये फूल ये
हार कि तेरा बेटा अब चला है अपनी आजादी की घोडी पर सवार ,
और जब तलक फांसी पर बची रहे मेरी आखिरी सांस ,

वादा करना हर सांस में हो मेरे भारत का नाम ,
गर मेरी सांस कभी मुझे दे धोका , और मांगे रहम का साथ ,
तू मार कर छीन लेना उन साँसों को जो करे गद्दारी मेरे फ़र्ज़ के साथ ,

ऐसा जूनून ऐसे दीवाने , जिस देश में हुए वो देश महान है ,
इसलिए ये जो हिन्दुस्तान है , ये मेरी जान है ,

क्या कभी चैन से सोते हुए उस सैनिक को सलाम किया है ,
जो देश के एक एक इंच के लिए , अपना एक एक कतरा खून देने को तैयार है ,
जब जब दुश्मन देश ने भारत माँ पर नजर उठाई है ,
हर एक सैनिक ने जान कि बाजी लगाकर देश कि इज्ज़त बचायी है ,
क्या है हिन्दू , मुस्लिम , सिख और क्या ही ईसाई है ,
जब भी देश पर बात आन पड़ी है ,
सबने देश कि जिम्मेदारी संग संग उठाई है
कौन आएगा अपने आगे , आगे बढने के पहले सोच लेना ऐ दुश्मन

चाहे हो कारगिल या हो कश्मीर ,
हिन्दुस्तानियों के आगे हर बार तुने मुह कि खायी है ,

जय हिंद जय हिंद के नारे से मेरा रोम रोम गुलज़ार है ,
क्योंकि ये जो हिन्दुस्तान है , ये मेरी जान है

और न सोच लेना कि आज कि युवा शक्ति कुछ कम है ,
दिल में आज भी वो जूनून और बाजुओं में अब भी वही दम है ,
न समझो हमे वो नाजुक सी कली ,
बिखर जाये जो गर हवे दुश्मन कि चली ,
न समझो हमे तुम जैसा बुजदिल और कायर ,
मौत से पहले ना आएगा हमे डर ,

सौ करोड़ हिन्दुस्तानी हैं , सोच लेना कभी मिल जाएँ गर ,
मुंबई के बदले कहीं ले न ले , तेरी हर गली , तेरे हर शहर ,

हम शरीफ हैं , शराफत की जुबान कहते हैं ,
भड़काना मत क्योंकि दिलों में शोले भी दबा रखते हैं ,
सब्र का पैमाना है , याद रखना जिस दिन ये छलक जाएगा ,
हर हिन्दुस्तानी अपने देश के लिए खडा हो जाएगा ,

ये ना सोचना की दुश्मन की ताकत से हम डरते हैं
आज भी मेरे देश में सुभाषचंद्र बोस और भगत सिंह पलते हैं ,

देश के लिए मिट जाऊँ , इससे बड़ा क्या सम्मान है
इसलिए ये जो हिन्दुस्तान है , ये मेरी जान है ,
---------------------------- बोलो भारत माता की जय -------------------------

देश के लिए अमित नन्दवाल